1.

सर्वस्व आदाता वह है जब-

A. आदाता को दान क समय के ऋण दायित्व से कोई सरोकार नहीं होता
B. आदाता को दान के समय के दाता के शोध्य ऋण-दायित्वों का दायी माना जाता है
C. आदाता को ऋण दायित्व के आधे के लिए दायी ठहराया जायेगा।
D. आदाता को शोध्य के एक-तिहाई तक के लिए ही दायी माना जायेगा
Answer» C. आदाता को ऋण दायित्व के आधे के लिए दायी ठहराया जायेगा।


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