1.

प्रकाशिकी की वह शाखा जिसमें तंरगद॔॓ध्य॔ क़ी परिमितता को पूण॔ रुप से नगण्य मानते हैं क्या कहलाती है ?

A. फ्रक्टोन
B. ईथर
C. ज्यामितीय प्रकाशिकी
D. रिडक्शनी
Answer» D. रिडक्शनी


Discussion

No Comment Found