1.

::(प्र.सं 86-90) निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढें और उससे सम्बन्धित प्रश्नों के उत्तर दिए गए बहुविकिल्पिय उत्तर में सें सही विकल्प का चयन किजीए मैं जिस समाज की कल्पना करता हॅु उसमें गृहस्थ और सन्यासी गृहस्थ होंगें अर्थात होंगें अर्थात सन्यास और गृहस्थ के बीच वह दूरी नही रहेंगी जो परम्परा से चलती आ रही है सन्यासी उत्तम कोटि का मनुष्य होता है क्योंकि उसमें संचय की वृत्ती नही होती लोभ आैर स्वार्थ नही होता यही गुण गृहस्थ में भी होना चाहिए सन्यासी भी वह श्रेष्ट है जो समाज के लिए कुछ काम करे ज्ञान और कर्म को भिन्न करोगे तो समाज में विषमता उत्पन्न होगी मुख में कविता और करवे पर हाथ यह आदर्श मुझे पसन्द था इसी कि शिक्षा में दूसरों को भी देता हूँ और तुमने सुना है या नही कि नानक नें एक अमीर लडके के हाथ से पानी पीना अस्वीकार करदिया था लोगों नें कहा गुरूजी यह लडका तो अत्यन्त सम्भ्रात कुल का हैहे इसके हाथ का पानी पीने में क्या दोष है ? नानक बोले-तल हत्थी में मेहनत के निशान नही है जिसके हाथ में मेहनत के ठेले पडे नही होते उसके हाथका पानी पीने कादोष मानता हूॅ | नानक ठीक थे श्रेष्ठ समाज वह है जिसके सदस्य जी खोलकर मेहनत करते हैं और तब भी जरूरत से ज्यादा धन पर अधिकार जमाने कि उनकी इच्छा नही होतीगृहस्थ सन्यासी और सन्यासी गृहस्थ होंगे लेखक का क्या आशय है

A. गृहस्थ सन्यास लें ले और सन्यासी गृहस्थ बन जाए
B. गृहस्थ सन्यासी भाव सें गृहस्थी रहे
C. गृहस्थ और संन्यासी होने का अन्तर मिट जाए
D. उपरोक्त में सें कोई नही
Answer» C. गृहस्थ और संन्यासी होने का अन्तर मिट जाए


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