1.

निर्देश (प्र. 20-22) निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उपयुक्त उत्तर दिजिए आत्मनिर्भरता का अर्थ है अपने उपर निर्भर रहना जो व्यक्ती दूसरे के मुँह को नही ताकते वे ही आत्मनिर्भर होते है वस्तुत: आत्म्विश्वास के बल पर कार्य करते रहना आत्मनिर्भरता है. आत्मनिर्भरता का अर्थ है समाज ,निज तथा राष्ट्र की आवश्यकताऔं की पूर्ति करना व्यक्ती समाज तथा राष्ट्र मे आत्मविश्वास की भावना आत्मनिर्भरता का प्रतिक है. स्पावलम्बन जीवन की सफलता की पहली सीढी है . सफलता प्राप्त करने के लिऐ व्यक्ती को स्वावलम्बी अवश्य होना चाहीए . स्वावलम्बन व्यक्ती समाज राष्ट्र के जीवन मे सर्वांगीन सफलता प्राप्ति का महामंत्र है. स्वालंबन जीवन का अमूल्य आभूषण है वीरों तथा कर्मयोगियो का इष्टदेव है सर्वांगीन उन्नति का आधार है. जब व्यक्ति स्वावलम्बी होगा उसमे आत्मनिर्भरता होगी, तो ऐसा कोई कार्य नही जिसे वह न कर सके. स्वावलम्बी मनुष्य के सामने कोई भी कार्य आ जाए तो वह अपने दृढ विश्वास से अपने आत्मबल से उसे अवश्य ही सम्पूर्ण कर लेगा. स्वावलम्बी मनुष्य जीवन मे कभी भी असफलता का मुँह नही देखता. वह जीवन के हर क्ष्‍क्षेत्र मे निरन्तर कायाब होता जाता है.सफलता तो स्वावलम्बी मनुष्य की दासीबनकर रहती है, परन्तु इसके विपरीत जिस व्यक्ति मे आत्मनिर्भरता होगीवह कभी किसी के सामने नही झुगा वह जो गरेगा सोच समझकर धैर्य से करेगा मनुष्य मे सबसे बडी कमी स्वावलम्बन का न होन है सबसे बडा गुण भी मनुष्य की आत्मनिर्भरता ही हैप्रश्न 20 आत्मनिर्भरता से क्या तात्पर्य है

A. कर्मयोगी
B. स्वावलम्बन
C. स्वाधीनता
D. श्रेष्ठ
Answer» C. स्वाधीनता


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