1.

'ख' का 'क' देनदार है। 'ख' वह ऋण 'ग' को अंतरित कर देता है। तब 'क' से ऋण चुकाने के लिए 'ख' तकाजा करता है। 'क' को संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 131 में यथाविहित अंतरण की सूचना नहीं मिली है और वह 'ख' को संदाय कर देता है। यह संदाय होगा-

A. शून्य
B. शून्यकरणीय
C. विधिमान्य और 'ग' उस ऋण के लिए 'क' पर वाद लासकेगा
D. विधिमान्य और 'ग' उस ऋण के लिए 'क' पर वाद नहीं ला सकेगा
Answer» E.


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