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| 1. |
दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 345 के अधीन न्यायालय को अपनी अवमानना के अपराध का संज्ञान करने तथा अभ्िीायुक्त को दण्डित करने का अधिकार प्राप्त है किन्तू इस धरा मे कार्यवाही की जा सकती है |
| A. | केवल सिविल या दाण्डिक न्यायलय व्दारा राजस्व न्यायालय व्दारा नही |
| B. | केवल उसी स्थिती मे जबकि अवमानना का अपराध न्यायालय की दृष्टिगोचरता या उपस्थिति मेकिया जाता है |
| C. | उस स्थिति मे भी जबकि अवमानना का अपराध न्यायालय के बाहर एवं उसकी दृष्टिगोचरता से अन्यथा किया जाता है |
| D. | किसी भी समय धारा 468 मे अल्लिखित अवधि की समाप्त के पूर्व की जा सकती है |
| Answer» C. उस स्थिति मे भी जबकि अवमानना का अपराध न्यायालय के बाहर एवं उसकी दृष्टिगोचरता से अन्यथा किया जाता है | |