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भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में, नृत्य एवं नाट्य- कला की सएक मुद्रा जिसे ‘त्रिभंग’ कहा जाता है प्राचीन काल से आज तक भारतीय कलाकारों को अतिप्रिय रही है। निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन इस मुद्रा को सर्वोत्तम रूप से वर्णित करता है?

A. मुख अभिव्यंजनाएं, हस्तमुद्राएं एवं आसज्जा कतिपयमहाकाव्य अथवा ऐतिहासिक पात्रों को प्रतिीकात्मक रूप से व्यक्त करने के लिए संयोजित की जाती हैं
B. मंद स्मिति, थोड़ी वक्र कटि एवं कतिपय हस्तमुद्राओं पर बल दिया जाता है, प्रेम एवं श्रृगार की अनुभूतियों को अभिव्यक्त करने के लिए
C. मुख अभिव्यंजनाएं, हस्तमुद्राएं एवं आसज्जा कतिपयमहाकाव्य अथवा ऐतिहासिक पात्रों को प्रतिीकात्मक रूप से व्यक्त करने के लिए संयोजित की जाती हैं
D. एक पांव मोड़ा जाता है और देह थोड़ी किन्तुविपरीत दिशा में कटि एवं ग्रीवा पर वक्र की जाती है
Answer» E.


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