1.

आयुध अधिनियम 1955 की धारा 27 के अन्तर्गत दण्डनीय एक अपराध के लिए अ का अभियोजन किया गया था परन्तू जिला मजिस्ट्रेट की ामंजूरी के अभाव के कारण अभियोजन असफल हो गया था क्या बाद मे मंजूरी प्राप्त करके उसका पुन: नवीन विचारण हो सकता है

A. नही यदि पूर्व वाले विचारण मे उसे दोषमूक्त कियागया था
B. नही चाहे उसे पूर्व वोल मामले मे उन्मोचित ही किया गया था
C. हाँ यदि उसे पूर्व वाले विचापरण मे भ्केवल उन्मोचित किया गया था
D. हॉ चाहे उसे पूर्व वाले विचारण मे भले ही दोषमूक्त भी किया गया हो
Answer» B. नही चाहे उसे पूर्व वोल मामले मे उन्मोचित ही किया गया था


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