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| 1. |
प्रगतिवादी कवि त्रिलोचन ने काव्य को जीवन की विफलता से जोड़कर कविता को सर्वग्राह्य एवं व्यापक बनाने में अतुलनीय योग दिया है। |
| A. | जीवन की वास्तविकता |
| B. | जीवन की सद्बुद्धि |
| C. | जीवन की सार्थक |
| D. | जीवन की विवशता |
| E. | परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। |
| Answer» B. जीवन की सद्बुद्धि | |