1.

जैनागम में कहा गया है कि वस्तु का स्वभाव ही उसका धर्महै, जिसे निश्चयनय कहा है; इसके साथ ही तीन रत्न भी बताए गए हैं | यह तीन रत्न हैंः ?

A. क्षमा, मार्दव और आर्जव
B. सम्यक् दर्शन , सम्यक् ज्ञान तथा सम्यक् चरित्र
C. सत्य, पवित्रता और संयम
D. दान , सेवा और अहिंसा
Answer» C. सत्य, पवित्रता और संयम


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